UP LT Grade Recruitment 2025 में TET अनिवार्यता पर हाईकोर्ट सख्त! क्या भर्ती होगी Delay?

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UP LT Grade Recruitment 2025 में TET अनिवार्यता पर हाईकोर्ट सख्त! क्या भर्ती होगी Delay?

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UP LT Grade Recruitment 2025 में TET अनिवार्यता पर हाईकोर्ट सख्त! क्या भर्ती होगी Delay?

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में UP LT Grade Teacher Recruitment 2025 को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। हाईकोर्ट ने हाल ही में सरकार और UPPSC से पूछा है कि जब NCTE (National Council for Teacher Education) ने TET (Teacher Eligibility Test) को अनिवार्य कर रखा है, तो इस भर्ती में इसे शामिल क्यों नहीं किया गया?

क्या है मामला?

जीआईसी और जीजीआईसी में कक्षा 6 से 10 तक पढ़ाने वाले शिक्षकों की भर्ती के लिए UPPSC ने विज्ञापन जारी किया है। लेकिन इसमें TET की शर्त नहीं जोड़ी गई। जबकि NCTE की 2010 की अधिसूचना के अनुसार, कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाने वाले सभी शिक्षकों के लिए TET पास होना जरूरी है।

NCTE का स्टैंड

हाईकोर्ट में NCTE के वकील ने साफ कहा कि 2010 से ही TET को अनिवार्य योग्यता के रूप में तय किया गया है। यानी, LT Grade (TGT Level) भर्ती में भी यह लागू होना चाहिए।

सरकार का जवाब

सरकार ने इस मामले में समय मांगा है। अगली सुनवाई 21 अगस्त को होगी। छात्रों की ओर से यह भी मांग की गई कि चूंकि भर्ती की आखिरी तारीख 28 अगस्त है, इसलिए कोर्ट को इससे पहले फैसला सुनाना चाहिए।

क्या भर्ती रुकेगी?

अगर कोर्ट TET अनिवार्यता पर स्टे या आदेश दे देता है, तो भर्ती में देरी हो सकती है। इसका असर लाखों उम्मीदवारों पर पड़ेगा, जिनमें से कई ओवर-एज होने के कगार पर हैं।

पुराना विवाद

2016-17 में भी LT Grade भर्ती में TET को लेकर याचिकाएं दायर हुई थीं, जिन्हें सरकार के इस तर्क पर खारिज कर दिया गया था कि LT Grade शिक्षक सिर्फ कक्षा 9-10 को पढ़ाते हैं। लेकिन इस बार याचिकाकर्ताओं का दावा है कि LT Grade शिक्षक 6 से 10 तक पढ़ाते हैं और अलग से 6-8 की भर्ती नहीं होती।

TGT-PGT भर्ती अपडेट

माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने सभी 75 जिलों से रिक्त पदों का ब्यौरा मांगा है, ताकि सितंबर में TGT-PGT भर्ती एक साथ निकाली जा सके। फिलहाल सिर्फ 6 जिलों ने ही रिपोर्ट भेजी है।

छात्रों की नाराज़गी

छात्रों का आरोप है कि बार-बार विवाद खड़ा होने से तैयारी करने वालों का मनोबल टूटता है। विभाग समय पर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं करता, जिससे कोर्ट केस और देरी होती है।

अगला कदम

अब निगाहें 21 अगस्त की सुनवाई पर हैं। अगर TET अनिवार्यता लागू होती है, तो कई उम्मीदवार अयोग्य हो जाएंगे, लेकिन भर्ती की पारदर्शिता बढ़ जाएगी। वहीं अगर कोर्ट ने सरकार के पक्ष में फैसला दिया, तो मौजूदा विज्ञापन के अनुसार ही भर्ती जारी रहेगी।


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