एडेड माध्यमिक शिक्षकों का नियोक्ता बदलने की मांग तेज हो गई है। अगर ‘अपर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक)’ को नियोक्ता बनाया गया तो शिक्षकों की नियुक्ति, पदोन्नति, ट्रांसफर और वेतन संबंधी सभी समस्याएं खत्म हो जाएंगी। पूरी जानकारी यहां पढ़ें।
एडेड माध्यमिक स्कूलों के राजकीयकरण में आ रही बाधाओं को देखते हुए अब शिक्षकों की एक अहम मांग तेजी से उठ रही है—उनका नियोक्ता बदलकर ‘अपर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक)’ बनाया जाए।
ध्यान देने योग्य है कि राजकीय स्कूलों के शिक्षकों का नियोक्ता पहले से ही ‘अपर शिक्षा निदेशक (राजकीय)’ होता है। ठीक उसी तर्ज पर अगर एडेड माध्यमिक शिक्षकों का नियोक्ता ‘अपर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक)’ को बना दिया जाए तो सरकार पर किसी भी तरह का अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा और न ही विद्यालयों के रखरखाव की जिम्मेदारी बढ़ेगी।
इस पहल को शिक्षा अधिकारियों का भी समर्थन मिलेगा क्योंकि इससे शिक्षकों के सेवा संबंधी प्रकरणों में आ रही कानूनी और प्रशासनिक दिक्कतें तुरंत खत्म हो जाएंगी।
अगर नियोक्ता बने ‘अपर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक)’ तो फायदे क्या होंगे?
नियुक्ति और पदोन्नति में सुधार
अब शिक्षकों की नियुक्ति और पदोन्नति सीधे अपर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) के आदेश से होगी। प्रबंधकों की मनमानी और टालमटोल से मुक्ति मिलेगी और शिक्षकों को मानसिक व आर्थिक शोषण से राहत मिलेगी।
प्रबंध तंत्र का हस्तक्षेप खत्म
वार्षिक वेतन वृद्धि, चयन ग्रेड और प्रोन्नत वेतनमान जैसे मामलों में प्रबंध तंत्र की कोई भूमिका नहीं रहेगी।
शैक्षिक माहौल बेहतर होगा
अधिकांश प्रबंधकों के पास शिक्षण से संबंधित योग्यता नहीं होती। उनके अनावश्यक हस्तक्षेप से विद्यालय का माहौल बिगड़ता है। नियोक्ता बदलने से यह समस्या खत्म हो जाएगी।
अवकाश स्वीकृति में पारदर्शिता
आकस्मिक अवकाश प्रधानाचार्य स्वीकृत करेंगे, जबकि अन्य अवकाश जिला विद्यालय निरीक्षक सीधे स्वीकृत करेंगे।
प्रतिकूल प्रविष्टि और अनुशासनात्मक कार्रवाई में सुधार
अब किसी प्रधानाचार्य या प्रबंधक की व्यक्तिगत खुन्नस से शिक्षक की सर्विस बुक या चरित्र पंजिका में बैक डेट से प्रतिकूल प्रविष्टि नहीं की जा सकेगी। यह अधिकार केवल शिक्षाधिकारी के पास होगा और पूरी जांच प्रक्रिया के बाद ही ऐसा संभव होगा।
संवैधानिक सुरक्षा
सेवा निलंबन या सेवा समाप्ति जैसी कार्रवाई अब न तो विद्यालय स्तर से होगी और न ही जिला विद्यालय निरीक्षक स्तर से। यह अधिकार केवल अपर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) के पास होगा।
वेतन और एरियर में पारदर्शिता
वेतन और एरियर भुगतान पूरी तरह से जिला विद्यालय निरीक्षक स्तर से होगा। प्रबंधक की भूमिका खत्म हो जाएगी और प्रधानाचार्य का कार्य केवल उपस्थिति प्रमाणन तक सीमित रह जाएगा।
प्रधानाचार्य पद पर आरक्षण लागू
नियोक्ता बदलने के बाद प्रधानाचार्य का पद राज्य काडर में शामिल हो जाएगा और उस पर आरक्षण नियम लागू होगा।
ट्रांसफर की प्रक्रिया आसान
ट्रांसफर के लिए NOC की झंझट खत्म हो जाएगी। शिक्षक सीधे ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
चयन आयोग को अधियाचन
अब चयन आयोग को अधियाचन सीधे अपर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) से भेजा जाएगा।
प्रबंध तंत्र के अधिकार बरकरार
विद्यालय का रखरखाव और अन्य प्रबंधकीय अधिकार पहले की तरह प्रबंध तंत्र के पास ही रहेंगे।
सरकार के लिए आसान समाधान
इसके लिए केवल इंटरमीडिएट एजुकेशन एक्ट 1921 में मामूली संशोधन करना होगा। वर्तमान सरकार के पास विधानसभा और विधानपरिषद में पूर्ण बहुमत है, इसलिए यह बदलाव आसानी से किया जा सकता है।
शिक्षा विभाग भी लंबित सेवा प्रकरणों और अदालती मुकदमों से परेशान है। ऐसे में अगर शिक्षक संगठन इस मुद्दे पर मुखर होंगे, तो शासन और बड़े शिक्षा अधिकारियों का सहयोग भी मिलेगा।
अगर एडेड माध्यमिक शिक्षकों का नियोक्ता ‘अपर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक)’ को बना दिया जाता है, तो शिक्षकों को पूर्ण सेवा सुरक्षा, पदोन्नति और वेतन में पारदर्शिता, ट्रांसफर में आसानी और मानसिक-आर्थिक शोषण से मुक्ति मिल जाएगी। साथ ही सरकार और शिक्षा विभाग को भी प्रशासनिक सुविधा होगी।
यह बदलाव न सिर्फ शिक्षकों के लिए ऐतिहासिक होगा बल्कि शिक्षा व्यवस्था को भी पारदर्शी और मजबूत बनाएगा।
- 69,000 shikshak bharti latest news
- UPPSC कैलेंडर 2026 जारी: सिर्फ तारीखें नहीं, इन 6 बातों में छिपा है सफलता का राज़!
- 72825 shikshak Bharti official yachi list download now|supreme Court of India
- उत्तर प्रदेश के शिक्षकों के लिए बड़ी खुशखबरी: अब मिलेगा कैशलेस इलाज, जानिए 5 सबसे बड़ी बातें
- 72825 shikshak Bharti Latest News Update Court Update

लेखक परिचय – चंद्रशेखर
मैं चंद्र शेखर, एक प्रशिक्षित और समर्पित गणित शिक्षक हूं। मैं MadhyamikPariksha.com का संस्थापक हूं। मेरा उद्देश्य छात्रों को सही, सरल और भरोसेमंद शैक्षिक सामग्री उपलब्ध कराना है।
मेरी शैक्षणिक योग्यता इस प्रकार है:
🎓 M.Sc (गणित)
📘 B.Ed
🔬 B.Sc (PCM)
✅ TGT Qualified (Maths) – 2016
📝 UP TET Qualified
मुझे गणित पढ़ाने का 7 वर्षों का अनुभव है। मैंने हजारों छात्रों को बोर्ड परीक्षाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मार्गदर्शन दिया है। मेरी खासियत है – गणित को आसान भाषा और रोचक तरीके से समझाना।
वेबसाइट के बारे में
MadhyamikPariksha.com एक निजी शैक्षिक पोर्टल है, जहाँ छात्र हिंदी माध्यम में पढ़ाई से जुड़ी उपयोगी सामग्री पा सकते हैं। यहां उपलब्ध हैं:
माध्यमिक और उच्च माध्यमिक परीक्षाओं की तैयारी सामग्री
2. पुराने प्रश्न पत्र और हल
3.गणित क्विज़, मॉक टेस्ट, और अपडेट्स
सरकारी पोर्टल नहीं है
स्पष्टीकरण: यह वेबसाइट सरकारी पोर्टल नहीं है। इसका किसी भी सरकारी विभाग, बोर्ड या संस्था से कोई संबंध नहीं है। यह एक निजी प्रयास है, जिसका मकसद छात्रों को मदद पहुंचाना है।
हमारा उद्देश्य
हमारा लक्ष्य है कि हर छात्र को पढ़ाई में मार्गदर्शन मिले, चाहे वह बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहा हो या प्रतियोगी परीक्षा की। हम विषयों को आसान भाषा में, बिना डर के समझाने में यकीन रखते हैं।
अगर आपको कोई सुझाव या प्रश्न हो, तो आप संपर्क करें पेज के माध्यम से मुझसे जुड़ सकते हैं।
चंद्रशेखर
(M.Sc Maths, B. Sc, B.Ed, TGT Qualified 2016, UPTET Qualified)