रेलवे कर्मचारियों का OPS महा आंदोलन : NPS पर बगावत और 8वां वेतन आयोग की मांग
नई दिल्ली। राजधानी के पहाड़गंज स्थित कर्नल सिंह स्टेडियम में आज रेलवे कर्मचारियों का विशाल जमावड़ा देखने को मिला। देशभर के हजारों रेलकर्मी यहां इकट्ठा हुए। उनकी मुख्य मांग है—OPS बहाली (ओल्ड पेंशन स्कीम) और NPS खत्म (नई पेंशन स्कीम)। साथ ही 8वें वेतन आयोग और रेलवे में नई भर्तियों को लेकर भी जोरदार आवाज उठाई गई।
OPS बनाम NPS विवाद
कर्मचारियों ने साफ कहा कि NPS में गारंटीड पेंशन और परिवार की सुरक्षा का प्रावधान नहीं है। वहीं OPS में रिटायरमेंट के बाद 50% बेसिक पेंशन और फैमिली पेंशन की सुविधा मिलती है। इसी कारण कर्मचारियों ने मांग रखी कि OPS को तुरंत बहाल किया जाए, वरना आंदोलन होगा।
8वां वेतन आयोग की मांग
रेल कर्मचारियों ने कहा कि सरकार ने 8वें वेतन आयोग की घोषणा किए 8–9 महीने हो चुके हैं लेकिन अभी तक इसकी कमेटी नहीं बनी। उन्होंने असमानताओं को दूर करने और आयोग को तुरंत लागू करने की मांग की।
LDC ओपन टू ऑल क्यों जरूरी?
ट्रैकमैन वर्ग के कर्मचारियों ने कहा कि उन्हें प्रमोशन में बराबरी का मौका नहीं मिलता। बाकी विभागों के कर्मचारी 4200–4600 ग्रेड पे तक पहुंच जाते हैं, लेकिन ट्रैकमैन 2800 ग्रेड पे पर ही रिटायर हो जाते हैं। इसी वजह से उन्होंने LDC ओपन टू ऑल की मांग रखी।
ट्रैकमैन और लोको पायलट की समस्याएं
- ट्रैकमैन की ड्यूटी 12 घंटे से ज्यादा और 12 किमी से लंबी न हो।
- लोको पायलट का रनिंग अलाउंस 25% बढ़ाया जाए, जैसा कि सरकार ने पहले घोषणा की थी।
कोरोना काल का बकाया डीए
कर्मचारियों ने याद दिलाया कि कोरोना महामारी के दौरान जब पूरा देश घरों में था, तब भी रेलवे कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर काम कर रहे थे। इसके बावजूद सरकार ने 18 महीने का डीए रोक दिया, जिसे अब वापस देने की मांग की जा रही है।
रेलवे निजीकरण पर गुस्सा
रेल कर्मचारियों ने रेलवे के निजीकरण का विरोध किया। उनका कहना है कि इससे रेलवे की सुरक्षा और गुणवत्ता पर बुरा असर पड़ रहा है। यूनियनों ने कहा कि रेलवे को पूंजीवाद की ओर नहीं बल्कि लोक कल्याणकारी राज्य की राह पर चलना चाहिए।
भर्ती और वैकेंसी का संकट
कर्मचारियों ने कहा कि रेलवे में इस समय लगभग 50% पद खाली हैं। ट्रैकमैन कैटेगरी में तो 35% तक कमी है। पिछले चार सालों से कोई नई भर्ती नहीं हुई, जिससे काम का बोझ बढ़ता जा रहा है। उन्होंने सरकार से तुरंत भर्ती निकालने की मांग की।
कर्मचारियों का साफ संदेश
रेल कर्मचारियों ने कहा कि अगर OPS बहाल नहीं हुआ और 8वां वेतन आयोग लागू नहीं किया गया तो वे रेल रोको आंदोलन करेंगे। साथ ही उन्होंने निजीकरण रोकने और नई भर्तियां निकालने की मांग भी दोहराई।
निष्कर्ष
रेलवे कर्मचारियों का OPS, 8वां वेतन आयोग, LDC ओपन टू ऑल और भर्ती को लेकर गुस्सा अब तेज होता जा रहा है। आने वाले दिनों में यह आंदोलन और बड़ा हो सकता है। अब देखना होगा कि सरकार इन मांगों को मानती है या फिर देश एक बड़े रेल आंदोलन का गवाह बनेगा।
रेलवे कर्मचारियों के OPS आंदोलन से जुड़े सामान्य सवाल-जवाब (FAQ)
प्रश्न 1: रेलवे कर्मचारी OPS क्यों चाहते हैं?
रेलवे कर्मचारियों का कहना है कि OPS (ओल्ड पेंशन स्कीम) में गारंटीड पेंशन और परिवार की सुरक्षा है। जबकि NPS (नई पेंशन स्कीम) में न तो परिवार को सुरक्षा है और न ही रिटायरमेंट के बाद बेसिक वेतन का 50% पेंशन मिलता है।
प्रश्न 2: रेलवे कर्मचारियों की मुख्य मांगें क्या हैं?
कर्मचारियों की मुख्य मांगों में OPS बहाली, 8वां वेतन आयोग लागू करना, LDC ओपन टू ऑल, रोका हुआ 18 महीने का डीए जारी करना और रेलवे में नई भर्ती निकालना शामिल है।
प्रश्न 3: 8वां वेतन आयोग क्यों चर्चा में है?
सरकार ने 8वां वेतन आयोग लागू करने की घोषणा की थी लेकिन अभी तक इसकी कमेटी का गठन नहीं हुआ। कर्मचारियों का कहना है कि वेतन असमानताओं को दूर करने और नई वेतन संरचना लाने के लिए इसे जल्द लागू किया जाए।
प्रश्न 4: रेलवे में कितनी वैकेंसी खाली हैं?
कर्मचारियों के अनुसार भारतीय रेलवे में इस समय लगभग 50% पद खाली हैं। खासकर ट्रैकमैन कैटेगरी में 35% से ज्यादा की कमी है।
प्रश्न 5: अगर सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो कर्मचारी क्या करेंगे?
रेलवे कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि अगर OPS बहाल नहीं हुआ और 8वां वेतन आयोग लागू नहीं हुआ तो वे रेल रोको आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
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लेखक परिचय – चंद्रशेखर
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चंद्रशेखर
(M.Sc Maths, B. Sc, B.Ed, TGT Qualified 2016, UPTET Qualified)