UP 69000 Assistant Teacher Bharti: Supreme Court ने शुरू की सुनवाई, आरक्षित वर्ग के सामान्य सीटों पर दावा करने पर बड़ा सवाल

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UP 69000 सहायक शिक्षक भर्ती में सुप्रीम कोर्ट ने सामान्य वर्ग बनाम आरक्षित वर्ग के विवाद पर सुनवाई शुरू की। क्या कम कटऑफ का लाभ लेने वाला अभ्यर्थी सामान्य श्रेणी में आ सकता है? जानिए हाई कोर्ट का फैसला, सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी और अगले आदेश की तिथि।


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UP 69000 सहायक शिक्षक भर्ती: सुप्रीम कोर्ट में बड़ी सुनवाई शुरू, सामान्य और आरक्षित वर्ग के बीच विवाद गहरा

उत्तर प्रदेश की 69000 सहायक शिक्षक भर्ती का मामला एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। यह मामला वर्षों से विवादों में रहा है, और अब सामान्य वर्ग की याचिकाओं ने भर्ती प्रक्रिया में एक नया मोड़ पैदा कर दिया है।

सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों की मुख्य दलील है कि आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों ने कम कटऑफ का लाभ लेने के बाद सामान्य श्रेणी की सीटों पर दावा किया, जो नियमों और न्याय सिद्धांतों के खिलाफ है।


सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ

सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई शुरू करते हुए यह मामला गंभीर माना है। कोर्ट ने सभी पक्षों को नोटिस जारी करते हुए कहा कि मेरिट लिस्ट पर रोक जारी रहेगी।

अगली सुनवाई 16 दिसंबर को होगी।


सामान्य वर्ग की मुख्य दलीलें

सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों ने सुप्रीम कोर्ट के सामने निम्न बिंदु रखे

  • आरक्षित वर्ग ने कम कटऑफ का लाभ लेकर परीक्षा पास की
  • ऐसे अभ्यर्थी सामान्य श्रेणी में जगह नहीं ले सकते
  • इससे सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के अधिकार प्रभावित हुए हैं
  • कई अभ्यर्थी कम अंक लेकर भी सामान्य सीटों पर चयनित हो गए

हाई कोर्ट का आदेश क्यों विवादित हुआ

13 अगस्त 2024 को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मेरिट लिस्ट को रद्द कर नई सूची बनाने का आदेश दिया था।
हाई कोर्ट ने पाया था कि

  • EWS, OBC, SC और ST वर्गों के कुछ अभ्यर्थी कम अंक लेकर भी सामान्य मेरिट में शामिल हो गए
  • यह प्रक्रिया भर्ती के नियमों से मेल नहीं खाती

हाई कोर्ट ने कहा कि यदि किसी ने कम कटऑफ का लाभ लिया है, तो वह सामान्य श्रेणी में दावा नहीं कर सकता।


कटऑफ और मेरिट विवाद

इस भर्ती में कटऑफ इस प्रकार तय था

  • सामान्य वर्ग
    60 प्रतिशत
  • आरक्षित वर्ग
    40 प्रतिशत

विवाद तब बढ़ा जब 40 प्रतिशत कटऑफ का लाभ लेने वाले अभ्यर्थी सामान्य सीटों पर चयनित पाए गए। सामान्य वर्ग का कहना है कि इससे मेरिट और पारदर्शिता प्रभावित हुई है।


सुप्रीम कोर्ट का अगला कदम

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि

  • फिलहाल मेरिट लिस्ट पर रोक बनी रहेगी
  • सभी पक्षों की विस्तृत दलीलों के बाद ही निर्णय लिया जाएगा
  • 16 दिसंबर की सुनवाई अहम होगी और इससे चयन प्रक्रिया का भविष्य तय होगा

अभ्यर्थियों के लिए क्या महत्वपूर्ण है

जो उम्मीदवार इस भर्ती से जुड़े हैं, उन्हें इन बिंदुओं पर ध्यान देना चाहिए

  • सुप्रीम कोर्ट अभी अंतिम निर्णय पर नहीं पहुंचा है
  • कोर्ट के आदेश तक नियुक्तियां प्रभावित रहेंगी
  • कोर्ट का फैसला भविष्य में समान भर्ती प्रक्रियाओं के लिए भी मिसाल बन सकता है

निष्कर्ष

UP 69000 सहायक शिक्षक भर्ती मामला एक संवेदनशील और बड़े स्तर का विवाद है। सामान्य वर्ग और आरक्षित वर्ग की मेरिट को लेकर उठे सवाल अब सुप्रीम कोर्ट की मेज पर हैं। कोर्ट के अंतिम निर्णय का असर हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य और राज्य की शिक्षण व्यवस्था पर पड़ेगा।

नवीनतम अपडेट्स के लिए इस पोस्ट को सेव करें और नियमित रूप से जांचते रहें।


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