UPPSC कैलेंडर 2026 जारी: सिर्फ तारीखें नहीं, इन 6 बातों में छिपा है सफलता का राज़!
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों का 2026 के परीक्षा कैलेंडर का इंतज़ार अब खत्म हो चुका है। लेकिन यह कैलेंडर सिर्फ तारीखों की एक सूची नहीं है। यह पोस्ट आपको केवल तिथियों की जानकारी देने से आगे ले जाएगी और इस आधिकारिक शेड्यूल में छिपे सबसे प्रभावशाली विश्लेषण और रणनीतिक जानकारियों को आपके सामने रखेगी। इस कैलेंडर को तारीखों की सूची के बजाय, अपनी साल भर की तैयारी के लिए एक रोडमैप के रूप में देखें।
1. पूरा साल एक्शन-पैक्ड: फरवरी से दिसंबर तक लगातार मौके
UPPSC का 2026 का कैलेंडर फरवरी की शुरुआत से लेकर दिसंबर के अंत तक परीक्षाओं से अटा पड़ा है। साल की पहली बड़ी परीक्षा “समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी आदि (मुख्य) परीक्षा–2023” है जो 02.02.2026 एवं 03.02.2026 को प्रस्तावित है, और यह सिलसिला साल के अंत तक चलता है, जैसा कि 20.12.2026 की ‘आरक्षित’ तिथि से पता चलता है। अभ्यर्थियों के लिए इसका मतलब है कि पूरे साल अवसरों की कोई कमी नहीं होगी, लेकिन इसके लिए लगातार और अनुशासित तैयारी की भी आवश्यकता होगी।
2. ‘आरक्षित’ तिथियों का रहस्य: नई भर्तियों की प्रबल संभावना
कैलेंडर में कई तिथियों को ‘आरक्षित’ (Reserved) के रूप में चिह्नित किया गया है। इसका सीधा सा मतलब है कि आयोग ने इन तारीखों को भविष्य में होने वाली किसी ऐसी परीक्षा के लिए ब्लॉक कर दिया है जिसकी घोषणा अभी नहीं की गई है। उदाहरण के लिए, 21.02.2026, 14.03.2026, 11.07.2026, 20.09.2026, और 31.10.2026 जैसी कई तिथियाँ आरक्षित हैं। इन तारीखों पर नज़र रखना बेहद ज़रूरी है। ये आरक्षित तिथियाँ संभवतः बहुप्रतीक्षित भर्तियों जैसे कि खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) के लिए हो सकती हैं। इसलिए, केवल नोटिफिकेशन का इंतजार न करें, बल्कि अपने सामान्य अध्ययन के कोर विषयों पर पकड़ मज़बूत करना अभी से शुरू कर दें।
3. एग्जाम क्लस्टर्स पर ध्यान दें: कुछ महीनों में होंगी बंपर परीक्षाएं
कैलेंडर को ध्यान से देखने पर पता चलता है कि कुछ विशेष महीनों में एक ही तरह की कई परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी, जिन्हें हम “एग्जाम क्लस्टर” कह सकते हैं। उदाहरण के लिए, सितंबर 2026 का महीना “सहायक आचार्य, राजकीय महाविद्यालय (मुख्य) परीक्षा–2025” के अभ्यर्थियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, जिसमें समाजशास्त्र, जंतु विज्ञान, भौतिक विज्ञान, और रसायन विज्ञान जैसे विभिन्न विषयों की परीक्षाएं लगातार निर्धारित हैं। इसी तरह, नवंबर 2026 का महीना “प्रवक्ता, राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय (स्क्रीनिंग) परीक्षा–2023” के लिए समर्पित दिखता है। एक स्मार्ट अभ्यर्थी के तौर पर आपको इन ‘क्लस्टर’ महीनों को अपनी तैयारी का ‘पीक परफॉरमेंस’ चरण बनाना होगा।
4. कुछ परीक्षाएं हैं ‘मैराथन’: तैयारी में लगेगी दोगुनी ऊर्जा
कैलेंडर में कुछ परीक्षाएं ऐसी हैं जो एक दिन से ज़्यादा चलेंगी। ये परीक्षाएं आपकी सहनशक्ति और गहन ज्ञान का परीक्षण करेंगी। इन ‘मैराथन’ परीक्षाओं के लिए आपको दोगुनी ऊर्जा के साथ तैयारी करनी होगी।
- सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा (मुख्य) परीक्षा-2025: 29.03.2026 से 04.04.2026 (कुल 7 दिन)
- सहायक अभियोजन अधिकारी (मुख्य) परीक्षा-2025: 28.06.2026 से 03 दिन
- सहायक वन संरक्षक (ए०सी०एफ०)/क्षेत्रीय वन अधिकारी (आर०एफ०ओ०) सेवा (मुख्य) परीक्षा–2025: 14.07.2026 से 13 दिन
इन परीक्षाओं की प्रकृति केवल आपके ज्ञान का नहीं, बल्कि आपके मानसिक और शारीरिक सहनशक्ति का भी परीक्षण करती है। इसका अर्थ है कि आपकी तैयारी में लगातार लिखने का अभ्यास (answer writing practice) और समय प्रबंधन को शामिल करना अनिवार्य है।
5. सबसे महत्वपूर्ण नोट: ‘तिथियाँ सम्भावित हैं’
इस कैलेंडर के अंत में एक बहुत ही महत्वपूर्ण नोट दिया गया है, जिसे किसी भी अभ्यर्थी को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए।
उपर्युक्त तिथियाँ सम्भावित हैं। अतः विशेष परिस्थितियों में तिथियों में परिवर्तन किया जा सकता है।
यह कथन एक महत्वपूर्ण अनुस्मारक है। इसका मतलब है कि आपको अपनी अध्ययन योजनाओं में लचीलापन रखना होगा। किसी भी संभावित स्थगन या बदलाव के लिए मानसिक रूप से तैयार रहें और अपनी तैयारी की गति को बाधित न होने दें।
6. परीक्षा चक्र को समझें: एक अंतहीन तैयारी
इस कैलेंडर का सबसे गहरा रहस्य इसके परीक्षा चक्र में छिपा है। गौर करें: सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा (मुख्य) परीक्षा-2025 मार्च-अप्रैल 2026 में समाप्त हो रही है, और ठीक उसी कैलेंडर में सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा (प्रारम्भिक) परीक्षा-2026 की तिथि 06.12.2026 दी गई है। इसका अर्थ है कि 2025 की मुख्य परीक्षा देने के बाद, aspirants को अगली प्रारम्भिक परीक्षा के लिए केवल 8 महीने का समय मिलेगा। यह UPPSC की तैयारी की निरंतर प्रकृति को दर्शाता है—यहाँ कोई “ऑफ-सीजन” नहीं होता।
आपकी सफलता का रोडमैप
यह कैलेंडर आपका प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि आपका सबसे बड़ा रणनीतिक सहयोगी है। यह आपको बताता है कि कब गति बढ़ानी है, कब धैर्य रखना है, और किन अवसरों के लिए हमेशा तैयार रहना है। यह आपको सिखाता है कि तैयारी एक मैराथन है, जिसमें कोई फिनिश लाइन नहीं, बल्कि अगला पड़ाव होता है।
इस कैलेंडर में अपने लक्ष्य को देखने के बाद, आप आज से अपनी तैयारी की रणनीति में सबसे पहला बदलाव क्या करेंगे?

लेखक परिचय – चंद्रशेखर
मैं चंद्र शेखर, एक प्रशिक्षित और समर्पित गणित शिक्षक हूं। मैं MadhyamikPariksha.com का संस्थापक हूं। मेरा उद्देश्य छात्रों को सही, सरल और भरोसेमंद शैक्षिक सामग्री उपलब्ध कराना है।
मेरी शैक्षणिक योग्यता इस प्रकार है:
🎓 M.Sc (गणित)
📘 B.Ed
🔬 B.Sc (PCM)
✅ TGT Qualified (Maths) – 2016
📝 UP TET Qualified
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चंद्रशेखर
(M.Sc Maths, B. Sc, B.Ed, TGT Qualified 2016, UPTET Qualified)