TET Mandatory 2026 Career Update: 9वीं से 12वीं के शिक्षकों के लिए बड़ी चेतावनी और सुनहरा मौका
क्या आपकी बीएड (B.Ed) या पोस्ट-ग्रेजुएशन की डिग्री आपके और आपकी ड्रीम जॉब के बीच की दीवार को गिराने के लिए काफी है? एक कड़वा सच जान लीजिए—आज के दौर में सिर्फ डिग्री होना करियर की गारंटी नहीं है। शिक्षा जगत में 2011 से जो बदलाव शुरू हुए थे, वे अब अपने सबसे निर्णायक मोड़ पर हैं।
अगर आप 2026 में बिना TET (Teacher Eligibility Test) सर्टिफिकेट के शिक्षक बनने का सपना देख रहे हैं, तो यकीन मानिए, आप एक ऐसी नाव पर सवार हैं जिसमें बड़ा छेद है। आपकी मेहनत और योग्यता के बीच यह ‘गोल्डन सर्टिफिकेट’ अब एक अनिवार्य कमिटमेंट बन चुका है। यह बदलाव केवल एक नियम नहीं, बल्कि एक पेशेवर क्रांति है।
TET का विस्तार: अब सिर्फ प्राइमरी तक सीमित नहीं (The Big Twist)
शिक्षण जगत में सबसे बड़ा ‘शॉक फैक्टर’ यह है कि अब TET की अनिवार्यता केवल कक्षा 8 तक सीमित नहीं रहेगी। नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) के नए दिशानिर्देशों और नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत, अब 12वीं कक्षा तक पढ़ाने के लिए भी पात्रता परीक्षा पास करना अनिवार्य होगा।
इसका सीधा असर इन दो लेवल्स पर पड़ेगा:
- Secondary (TGT): कक्षा 9वीं से 10वीं तक के शिक्षक।
- Senior Secondary (PGT): कक्षा 11वीं से 12वीं तक के शिक्षक।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सरकार अब केवल सरकारी स्कूलों पर ही नहीं, बल्कि प्राइवेट स्कूलों पर भी पूरी तरह नकेल कस रही है। RTE Act 2009 के बाद यह सबसे बड़ा रेगुलेटरी बदलाव है। अब प्राइवेट स्कूल भी बिना TET क्वालिफाइड शिक्षकों को नियुक्त नहीं कर पाएंगे। यदि आप एक विषय विशेषज्ञ (Subject Expert) हैं और अब तक सोचते थे कि PGT के लिए TET की जरूरत नहीं पड़ेगी, तो अब आपको अपनी स्ट्रैटेजी बदलनी होगी।
‘गोल्डन फ़िल्टर’: 10-15% पासिंग रेट ही आपकी असल Opportunity है
आंकड़े बताते हैं कि TET का परिणाम आमतौर पर केवल 10% से 15% के बीच रहता है। एक आम कैंडिडेट के लिए यह डरावना हो सकता है, लेकिन एक सीरियस एस्पिरेंट के लिए यह एक ‘गोल्डन फ़िल्टर’ है। यह परीक्षा उस भीड़ को पहले ही बाहर कर देती है जो केवल ‘ट्राय’ करने आई है।
“भीड़ बहुत है, लेकिन ‘क्वालिफाइड’ लोग कम हैं। TET पास करना मतलब आधे कॉम्पिटिशन को खत्म कर देना।”
एक सीनियर करियर कंसल्टेंट के तौर पर मेरा अनुभव कहता है कि जब आप इस परीक्षा को क्रैक करते हैं, तो आप सिस्टम की नज़र में ‘योग्य’ की श्रेणी में आ जाते हैं। यह महज एक पात्रता परीक्षा नहीं, बल्कि आपके प्रोफेशनल होने की पहली मुहर है।
CTET बनाम State TET: अदिति की कहानी और ‘Lifetime Validity’ की ताकत
पात्रता के इस सफर में CTET (Central Teacher Eligibility Test) को समझना बहुत जरूरी है। एक छोटा सा उदाहरण देखिए—अदिति नाम की एक छात्रा ने जब पहली बार CTET की तैयारी शुरू की, तो उसे लगा कि यह सिर्फ दिल्ली के स्कूलों के लिए है। लेकिन पास होने के बाद उसे अहसास हुआ कि उसके पास एक ‘मास्टर की’ (Master Key) आ गई है।
अदिति अब न केवल KVS (Kendriya Vidyalaya) और NVS (Navodaya Vidyalaya) के लिए योग्य थी, बल्कि वह एक साथ 5 अलग-अलग राज्यों में शिक्षक भर्ती के फॉर्म भरने के लिए भी पात्र हो गई।
सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि अब इसकी वैधता 7 साल से बढ़ाकर ‘Lifetime’ कर दी गई है। एक बार की मेहनत, और जीवन भर के लिए आप पात्रता की चिंता से मुक्त। यह ‘लाइफटाइम वैलिडिटी’ आपके करियर के लिए किसी बीमा पॉलिसी से कम नहीं है।
‘रोमांटिक’ स्ट्रैटेजी: सिलेबस को रटें नहीं, उससे ‘डेट’ करना सीखें
TET में सफल होने के लिए आपको अपनी पढ़ाई का नज़रिया बदलना होगा। जो लोग 150 में से 90 नंबर लाना पहाड़ जैसा मानते हैं, वे दरअसल सिलेबस को गहराई से समझ ही नहीं रहे।
- CDP (Child Development & Pedagogy): इसे एक बोझिल विषय न समझें। यह ‘बच्चों के मनोविज्ञान से प्यार’ करने जैसा है। एक बार आप बच्चे के दिमाग को पढ़ना सीख गए, तो 90 नंबर का रास्ता अपने आप आसान हो जाएगा।
- Language & Maths/EVS: इन्हें रटने के बजाय एक गेम की तरह सुलझाएं। अपनी भाषा को अपनी ताकत बनाएं।
तैयारी के इस जुनून को लेकर यह बात गांठ बांध लें:
“किताबों से वफ़ा करोगे तो नौकरी मिलेगी, इंसानों से करोगे तो शायद सिर्फ एक्सपीरियंस!”
2026 का रोडमैप और अंतिम विचार
आने वाले समय में शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया और अधिक कठोर और पारदर्शी होने वाली है। 2026 तक टीचिंग सेक्टर में योग्यता के पैमाने पूरी तरह बदल चुके होंगे। NCTE के नए ड्राफ्ट के बाद, अब कोई भी शॉर्टकट काम नहीं आने वाला।
आज खुद से एक ईमानदार सवाल पूछें: 2026 में जब आप स्कूल की दहलीज पर खड़े होंगे, तो क्या आपके पास वो ‘गोल्डन सर्टिफिकेट’ होगा जो आपको भीड़ से अलग खड़ा करेगा? आपकी आज की तैयारी ही तय करेगी कि आप कल एक ‘शिक्षक’ कहलाएंगे या सिर्फ एक ‘डिग्री धारक’।

लेखक परिचय – चंद्रशेखर
मैं चंद्र शेखर, एक प्रशिक्षित और समर्पित गणित शिक्षक हूं। मैं MadhyamikPariksha.com का संस्थापक हूं। मेरा उद्देश्य छात्रों को सही, सरल और भरोसेमंद शैक्षिक सामग्री उपलब्ध कराना है।
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🎓 M.Sc (गणित)
📘 B.Ed
🔬 B.Sc (PCM)
✅ TGT Qualified (Maths) – 2016
📝 UP TET Qualified
मुझे गणित पढ़ाने का 7 वर्षों का अनुभव है। मैंने हजारों छात्रों को बोर्ड परीक्षाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मार्गदर्शन दिया है। मेरी खासियत है – गणित को आसान भाषा और रोचक तरीके से समझाना।
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चंद्रशेखर
(M.Sc Maths, B. Sc, B.Ed, TGT Qualified 2016, UPTET Qualified)