नमस्ते दोस्तों, देश भर में लाखों स्टूडेंट्स इस वक्त गुस्से में हैं। वजह? SSC फेज 13 एग्जाम में हुई भयंकर गड़बड़ियां! पेपर लीक हो गया, एग्जाम से आधा घंटा पहले ही सवाल बाहर आ गए। कहीं सिस्टम हैंग हो गया, कहीं सर्वर क्रैश, तो कहीं एग्जाम ही कैंसिल कर दिया गया। पेपर का 60-70% हिस्सा पुराने पेपर्स से दोहराया गया। कई स्टूडेंट्स को हजारों किलोमीटर दूर एग्जाम सेंटर भेजा गया, और जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो पुलिस ने लाठियां बरसाईं। आइए, इस पूरे मामले को समझते हैं।
SSC फेज 13: सरकारी नौकरी का सपना टूटा
SSC फेज 13 एग्जाम के जरिए कई सरकारी मंत्रालयों और विभागों में ग्रुप बी और सी की नौकरियां भरी जानी थीं। यह एग्जाम 24 जुलाई से 1 अगस्त 2025 के बीच हुआ। लाखों स्टूडेंट्स ने इसके लिए फॉर्म भरा, दिन-रात मेहनत की, लेकिन एग्जाम शुरू होते ही सब कुछ बिखर गया।
आमतौर पर SSC के एडमिट कार्ड 4 दिन पहले जारी होते हैं, लेकिन इस बार 2 दिन पहले तक भी कई स्टूडेंट्स को एडमिट कार्ड नहीं मिला। कुछ के कार्ड तो पूरी तरह खाली थे! 24 जुलाई को जब एग्जाम शुरू हुआ, पहले ही दिन से सेंटर्स पर गड़बड़ियां सामने आने लगीं।
सेंटर्स पर अव्यवस्था का आलम
- बायोमेट्रिक फेल: कई सेंटर्स पर बायोमेट्रिक सिस्टम काम नहीं कर रहा था। स्टूडेंट्स को या तो एग्जाम देने से रोक दिया गया या देरी हो गई।
- सिस्टम क्रैश: बीच एग्जाम में 10-15 मिनट के लिए सिस्टम लॉक हो गया। पुराने कंप्यूटरों ने हालत और खराब कर दी। कहीं स्क्रीन बंद हो गई, कहीं पूरा सिस्टम ही ध्वस्त।
- खराब माउस और पेन: स्टूडेंट्स को घटिया क्वालिटी के माउस दिए गए, जिन्हें 4-5 बार क्लिक करना पड़ता था। सवाल हल करने के लिए दिए गए पेन भी इतने खराब थे कि लिखना मुश्किल था।
- बिजली और सर्वर की दिक्कत: कुछ सेंटर्स पर बिजली चली गई, सर्वर क्रैश हो गया, और बैकअप का कोई इंतजाम नहीं था। इमेज-बेस्ड सवाल लोड ही नहीं हुए।
इन सबके चलते कई सेंटर्स पर एग्जाम कैंसिल करना पड़ा। कर्नाटक के एड्यूकासा इंटरनेशनल सेंटर पर सुबह 9:30 बजे का एग्जाम टेक्निकल खराबी के कारण रद्द हो गया। दिल्ली के पवन गंगा एजुकेशन सेंटर पर 24 से 26 जुलाई तक के एग्जाम भी रद्द कर दिए गए।
सेंटर्स की हालत बदतर
सेंटर्स की हालत देखकर स्टूडेंट्स का गुस्सा और बढ़ गया। कई जगहों पर:
- कमरों में पंखे नहीं थे, कुर्सियां टूटी हुई थीं।
- सेंटर्स इतने छोटे थे कि सांस लेना मुश्किल था।
- पानी और वॉशरूम जैसी बुनियादी सुविधाएं तक नहीं थीं।
- कुछ सेंटर्स जंगलQWERTY
System: नंगल जैसे सुनसान इलाकों में थे। प्रयागराज से 300 किमी दूर एक सेंटर किसी के घर में था! स्टेशन से 7-8 किमी दूर, जहां कोई ऑटो या साधन तक नहीं था। एक सेंटर के पास डीजे बज रहा था, तो कहीं गाय-भैंस बंधी थीं। सोचिए, ऐसे माहौल में कोई एग्जाम कैसे देगा?
स्टूडेंट्स का गुस्सा और लाठीचार्ज
स्टूडेंट्स ने जब इन हालात का विरोध किया, तो पुलिस ने उन पर लाठियां चला दीं। कुछ सेंटर्स पर बाउंसर्स तक तैनात थे, जो स्टूडेंट्स को चुप कराने के लिए मारपीट कर रहे थे। एक स्टूडेंट का सिर तक फोड़ दिया गया!
पेपर लीक और चीटिंग का डर
आरोप ये भी है कि दूसरी और तीसरी शिफ्ट के पेपर 70-80% एक जैसे थे, जिससे चीटिंग और पेपर लीक का खतरा बढ़ गया। स्टूडेंट्स का कहना है कि सवाल पुराने पेपर्स से दोहराए गए थे।
सेंटर का गलत आवंटन
SSC फॉर्म में स्टूडेंट्स अपनी पसंद के शहर चुनते हैं, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। दिल्ली-नोएडा चुनने वाले को हरियाणा में सेंटर मिला। कानपुर के एक स्टूडेंट को कर्नाटक में, 2000 किमी दूर भेजा गया। कई स्टूडेंट्स हजारों किमी का सफर कर सेंटर पहुंचे, तो वहां नोटिस लगा था कि एग्जाम कैंसिल हो गया।
जिम्मेदार कौन? एडक्वटी करियर टेक्नोलॉजीज पर सवाल
SSC के पास ऑनलाइन एग्जाम का अपना सॉफ्टवेयर नहीं है, इसलिए यह काम वेंडर कंपनियों को दिया जाता है। पहले यह कॉन्ट्रैक्ट टीसीएस के पास था, लेकिन अप्रैल 2025 में इसे एडक्वटी करियर टेक्नोलॉजीज को दे दिया गया। इस कंपनी का इतिहास विवादों से भरा है:
- 2020 में इसे सेंट्रल डायरेक्टेट जनरल ऑफ ट्रेनिंग ने अयोग्य घोषित किया था।
- 2022 में मध्य प्रदेश टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट का पेपर लीक हुआ।
- 2023 में मध्य प्रदेश पटवारी एग्जाम में चीटिंग की शिकायतें आईं।
- महाराष्ट्र के एमबीए एग्जाम में भी अनियमितताएं सामने आईं।
फिर भी, SSC ने इसे कॉन्ट्रैक्ट दे दिया, क्योंकि इसने सबसे कम बोली लगाई थी। लेकिन सवाल ये है कि क्या कुछ करोड़ बचाने के लिए लाखों स्टूडेंट्स का भविष्य दांव पर लगाना ठीक है?
स्टूडेंट्स का विरोध और सरकार की चुप्पी
सोशल मीडिया पर #SSC_Vendor_Failure और #SSC_Mismanagement जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे। स्टूडेंट्स और टीचर्स ने दिल्ली में प्रदर्शन किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें मंत्रालय से मिलने नहीं दिया। लाठीचार्ज और हिरासत में लेने की घटनाएं हुईं। टीचर्स ने कहा कि उन्हें अपराधी की तरह ट्रीट किया गया।
राहुल गांधी ने इसे मोदी सरकार की नाकामी बताया। स्टूडेंट्स की मांगें साफ हैं:
- एडक्वटी से कॉन्ट्रैक्ट वापस लेकर टीसीएस को देना।
- SSC CGL एग्जाम स्थगित करना।
- SSC का अपना सॉफ्टवेयर बनाना।
- री-एग्जाम का खर्च सरकार उठाए।
क्या है असली सवाल?
पिछले कुछ सालों में UPSC, IBPS, RRB जैसे कई एग्जाम्स में गड़बड़ियां हुई हैं। देश का रिक्रूटमेंट सिस्टम चरमरा रहा है। सरकार नई नौकरियां देने में तो नाकाम है ही, मौजूदा भर्तियों में भी निष्पक्षता नहीं बरत रही। आखिर बार-बार एक विवादित कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट क्यों दिया जा रहा है? क्या इसके पीछे कोई राजनीतिक साठगांठ है?
स्टूडेंट्स के लिए संदेश
दोस्तों, यह बेहद निराशाजनक है। महीनों की मेहनत बर्बाद हो रही है। लेकिन याद रखिए, एक एग्जाम आपका भविष्य तय नहीं करता। हिम्मत न हारें। मेरी जिंदगी का उदाहरण लें मैंने कोई बड़ा एग्जाम टॉप नहीं किया, फिर भी कामयाबी मिली। आप भी अपने सपनों को पूरा करेंगे। बस हौसला बनाए रखें!
क्या आपको लगता है कि सरकार को इस मामले में सख्त कदम उठाने चाहिए? अपनी राय कमेंट में बताएं!
- 72825 SHIKSHAK BHARTI LATEST NEWS |15 साल का इंतज़ार और 24 मार्च का ‘ऐतिहासिक’ मोड़: 72,825 शिक्षक भर्ती की 5 सबसे बड़ी और चौंकाने वाली बातें
- UPTET 2026 Online Form: आवेदन शुरू, Exam Date, Eligibility, Fees – Direct Apply Link
- 29,334 शिक्षक भर्ती: 11 साल का वनवास खत्म, 1,113 परिवारों के आंगन में न्याय की दस्तक|29334 shikshak Bharti Latest News Today
- 72825 Teachers News|उत्तर प्रदेश शिक्षक भर्ती: अदालती आदेशों और प्रशासनिक हलचलों के बीच छिपे 4 बड़े संकेत
- 72825 शिक्षक भर्ती: सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से निकले 5 सबसे चौंकाने वाले और सकारात्मक पहलू

लेखक परिचय – चंद्रशेखर
मैं चंद्र शेखर, एक प्रशिक्षित और समर्पित गणित शिक्षक हूं। मैं MadhyamikPariksha.com का संस्थापक हूं। मेरा उद्देश्य छात्रों को सही, सरल और भरोसेमंद शैक्षिक सामग्री उपलब्ध कराना है।
मेरी शैक्षणिक योग्यता इस प्रकार है:
🎓 M.Sc (गणित)
📘 B.Ed
🔬 B.Sc (PCM)
✅ TGT Qualified (Maths) – 2016
📝 UP TET Qualified
मुझे गणित पढ़ाने का 7 वर्षों का अनुभव है। मैंने हजारों छात्रों को बोर्ड परीक्षाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मार्गदर्शन दिया है। मेरी खासियत है – गणित को आसान भाषा और रोचक तरीके से समझाना।
वेबसाइट के बारे में
MadhyamikPariksha.com एक निजी शैक्षिक पोर्टल है, जहाँ छात्र हिंदी माध्यम में पढ़ाई से जुड़ी उपयोगी सामग्री पा सकते हैं। यहां उपलब्ध हैं:
माध्यमिक और उच्च माध्यमिक परीक्षाओं की तैयारी सामग्री
2. पुराने प्रश्न पत्र और हल
3.गणित क्विज़, मॉक टेस्ट, और अपडेट्स
सरकारी पोर्टल नहीं है
स्पष्टीकरण: यह वेबसाइट सरकारी पोर्टल नहीं है। इसका किसी भी सरकारी विभाग, बोर्ड या संस्था से कोई संबंध नहीं है। यह एक निजी प्रयास है, जिसका मकसद छात्रों को मदद पहुंचाना है।
हमारा उद्देश्य
हमारा लक्ष्य है कि हर छात्र को पढ़ाई में मार्गदर्शन मिले, चाहे वह बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहा हो या प्रतियोगी परीक्षा की। हम विषयों को आसान भाषा में, बिना डर के समझाने में यकीन रखते हैं।
अगर आपको कोई सुझाव या प्रश्न हो, तो आप संपर्क करें पेज के माध्यम से मुझसे जुड़ सकते हैं।
चंद्रशेखर
(M.Sc Maths, B. Sc, B.Ed, TGT Qualified 2016, UPTET Qualified)