यूपी में अब होंगे 76 जिले | नया जिला बनेगा कल्याण सिंह नगर

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उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में अब सिर्फ 75 नहीं बल्कि 76 जिले होने की तैयारी चल रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पूर्व सांसद राजवीर सिंह ‘राजू भैया’ द्वारा भेजे गए प्रस्ताव में एक नए जिले के गठन की सिफारिश की गई है। इस जिले का प्रस्तावित नाम है — कल्याण सिंह नगर (Kalyan Singh Nagar)।
आइए जानते हैं कि यह नया जिला कैसे बनेगा, कौन-कौन सी तहसीलें इसमें शामिल होंगी, और नया जिला बनने की प्रक्रिया क्या है।


Table of Contents

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नया जिला क्यों बनाया जा रहा है?

पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय कल्याण सिंह जी ने उत्तर प्रदेश के सामाजिक एवं प्रशासनिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके योगदान को सम्मान देने के उद्देश्य से नया जिला “कल्याण सिंह नगर” प्रस्तावित किया गया है।
पूर्व सांसद राजवीर सिंह यागू का तर्क है कि कल्याण सिंह जी के नाम पर नया जिला बनना न केवल उचित है, बल्कि इससे स्थानीय विकास को नई दिशा मिलेगी।


किन तहसीलों को मिलाकर बनेगा नया जिला?

नया जिला बनाने के लिए तीन तहसीलों को मर्ज (विलय) करने का प्रस्ताव दिया गया है —

  1. अतरौली (जनपद अलीगढ़)
  2. डिबाई (जनपद बुलंदशहर)
  3. गंगेरी कस्बा (अलीगढ़)

इन तीनों को मिलाकर नया जिला कल्याण सिंह नगर बनाया जाएगा।
प्रस्ताव अभी राज्य सरकार के पास विचाराधीन है और अंतिम स्वीकृति का इंतजार है।


उत्तर प्रदेश के जिलों की वर्तमान स्थिति

वर्तमान समय में उत्तर प्रदेश में कुल 75 जिले और 18 मंडल हैं।
लखनऊ, मेरठ और कानपुर सबसे बड़े मंडल माने जाते हैं।
क्षेत्रफल के हिसाब से सबसे बड़ा मंडल लखनऊ मंडल है, जबकि सबसे छोटा ललितपुर मंडल है।


नया जिला बनने की प्रक्रिया क्या होती है?

नया जिला बनाने के लिए एक प्रशासनिक प्रक्रिया (Administrative Process) अपनाई जाती है। नीचे इसका पूरा विवरण दिया गया है।

1. मांग और प्रस्ताव तैयार करना

स्थानीय जनता, जनप्रतिनिधि या अधिकारी किसी क्षेत्र की प्रशासनिक जरूरत को देखते हुए नए जिले की मांग कर सकते हैं।
यदि किसी जिले का क्षेत्रफल बहुत बड़ा हो जाता है और प्रशासनिक कार्यों में कठिनाई होती है, तो नया जिला बनाने का सुझाव दिया जा सकता है।

2. प्रस्ताव बनाना

राजस्व परिषद, आयुक्त और जिला अधिकारी मिलकर प्रस्ताव तैयार करते हैं। इसमें शामिल होते हैं —

  • क्षेत्र सीमा (Boundary demarcation)
  • जनसंख्या घनत्व
  • तहसील विभाजन
  • प्रशासनिक कार्यालयों की आवश्यकता
  • दूरी और संसाधन वितरण की रिपोर्ट

3. औचित्य एवं प्रभाव मूल्यांकन

प्रस्ताव के साथ यह बताना होता है कि नया जिला बनने से प्रशासनिक दूरी घटेगी, जनता को सुविधा मिलेगी और विकास की गति बढ़ेगी।

4. राज्य सरकार की स्वीकृति

राज्य सरकार की कैबिनेट प्रस्ताव की समीक्षा करती है और यदि उचित पाया जाता है तो उसे एग्जीक्यूटिव ऑर्डर या अधिसूचना (Notification) के माध्यम से मंजूरी दी जाती है।

5. अधिसूचना (Notification) जारी करना

स्वीकृति के बाद राजपत्र (Gazette) में अधिसूचना प्रकाशित की जाती है कि नया जिला बनाया जा चुका है।
इसमें स्पष्ट किया जाता है कि किन तहसीलों और ब्लॉकों को शामिल किया गया है और मुख्यालय कहां होगा।

6. प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित करना

मुख्यालय का निर्माण, अधिकारियों की नियुक्ति, बजट आवंटन, और संसाधन वितरण जैसे कार्य किए जाते हैं।
इसके बाद जनता को नई सीमाओं की जानकारी दी जाती है और प्रशासनिक कार्यवाही शुरू होती है।


नया जिला बनने के संभावित लाभ

  1. बेहतर प्रशासनिक सुविधा – लोगों को काम कराने के लिए जिला मुख्यालय तक लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।
  2. तेज विकास कार्य – छोटे प्रशासनिक क्षेत्र में योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन होगा।
  3. स्थानीय पहचान में वृद्धि – कल्याण सिंह जी के नाम से जुड़ा यह जिला क्षेत्रीय गौरव का प्रतीक बनेगा।
  4. संसाधनों का संतुलित वितरण – पुराने जिलों का बोझ घटेगा और नई इकाई में संसाधन समान रूप से बंटेंगे।

चुनौतियाँ और सावधानियाँ

नए जिले के गठन से पुराने जिलों जैसे अलीगढ़ और बुलंदशहर के संसाधनों में पुनर्वितरण होगा।
इससे प्रशासनिक पुनर्गठन, कार्यालय विभाजन और स्टाफ की पुनर्नियुक्ति जैसी चुनौतियाँ सामने आएंगी।
फिलहाल यह प्रस्ताव प्रारंभिक समीक्षा चरण में है और अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।


यूपी के प्रस्तावित 76वें जिले का नाम क्या है?

उत्तर प्रदेश का प्रस्तावित 76वां जिला — “कल्याण सिंह नगर”
सही उत्तर: कल्याण सिंह नगर

यह जिला अतरौली, डिबाई, और गंगेरी को मिलाकर बनाया जाएगा।


निष्कर्ष

उत्तर प्रदेश सरकार लगातार प्रशासनिक सुधार और विकास संतुलन पर काम कर रही है।
नए जिलों का गठन इसी दिशा में एक कदम है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों तक सुविधाएं बेहतर रूप में पहुंचाई जा सकेंगी।
यदि सब कुछ तय योजना के अनुसार हुआ, तो कल्याण सिंह नगर जल्द ही यूपी का 76वां जिला बन सकता है।


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