उत्तर प्रदेश सरकार ने 2025-26 की वार्षिक कार्ययोजना के तहत 8800 परिषदीय प्राथमिक और कम्पोजिट विद्यालयों में बालवाटिका कक्षाओं के लिए ECCE (Early Childhood Care and Education) एजुकेटर की नियुक्ति को मंजूरी दी है। यह कदम 3 से 6 वर्ष के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा प्रदान करने के लिए उठाया गया है। जानिए इस पहल के बारे में विस्तार से।
उत्तर प्रदेश में बालवाटिका के लिए ECCE एजुकेटर की नियुक्ति
उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए वर्ष 2025-26 की वार्षिक कार्ययोजना और बजट के तहत 8800 परिषदीय प्राथमिक और कम्पोजिट विद्यालयों में बालवाटिका कक्षाओं के लिए ECCE (Early Childhood Care and Education) एजुकेटर की सेवाओं को संविदा के आधार पर नियुक्त करने की स्वीकृति प्रदान की है। इस पहल का उद्देश्य 3 से 6 वर्ष की आयु के बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा और समग्र विकास के लिए बेहतर अवसर प्रदान करना है।
प्रमुख बिंदु
- स्वीकृत बजट और संसाधन: भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड ने 8800 विद्यालयों में बालवाटिका कक्षाओं के लिए ₹11360.448 लाख की स्वीकृति दी है।
- ECCE एजुकेटर की भूमिका: ये एजुकेटर आंगनबाड़ी केंद्रों और बालवाटिका में बच्चों के भौतिक, मानसिक, सामाजिक, और शैक्षिक विकास को बढ़ावा देंगे। साथ ही, निपुण भारत मिशन के तहत 5-6 वर्ष के बच्चों के लिए निर्धारित अधिगम स्तर को सुनिश्चित करेंगे।
- नियुक्ति प्रक्रिया: 8800 ECCE एजुकेटर की नियुक्ति आउटसोर्सिंग के माध्यम से होगी, जिसमें प्रत्येक एजुकेटर को ₹10,313 प्रति माह (PF और ESI सहित) मानदेय दिया जाएगा। नियुक्ति अधिकतम 11 महीनों के लिए होगी।
- शैक्षिक योग्यता:
- यूजीसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से गृह विज्ञान के साथ स्नातक (न्यूनतम 50% अंक)।
- या दो वर्षीय नर्सरी अध्यापक शिक्षा (NTT), CT (नर्सरी), DPSE, या समकक्ष डिप्लोमा।
- अधिकतम आयु 1 जुलाई 2024 को 40 वर्ष।
- चयन प्रक्रिया: जिला स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा मेरिट के आधार पर चयन होगा। मेरिट हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक, और डिप्लोमा के अंकों के औसत के आधार पर तैयार की जाएगी।
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जिलावार ECCE एजुकेटर की संख्या
| क्र.सं. | जिला | ECCE एजुकेटर |
|---|---|---|
| 1 | आगरा | 160 |
| 2 | अलीगढ़ | 130 |
| 3 | अम्बेडकर नगर | 90 |
| 4 | अमेठी | 130 |
| 5 | अमरोहा | 70 |
| 6 | औरैया | 80 |
| 7 | आजमगढ़ | 220 |
| 8 | बागपत | 60 |
| 9 | बहराइच | 140 |
| 10 | बलिया | 180 |
| 11 | बलरामपुर | 100 |
| 12 | बांदा | 90 |
| 13 | बाराबंकी | 160 |
| 14 | बरेली | 160 |
| 15 | बस्ती | 150 |
| 16 | भदोही | 70 |
| 17 | बिजनौर | 120 |
| 18 | बदायूं | 160 |
| 19 | बुलंदशहर | 160 |
| 20 | चंदौली | 90 |
| 21 | चित्रकूट | 60 |
| 22 | देवरिया | 170 |
| 23 | एटा | 90 |
| 24 | इटावा | 90 |
| 25 | फैजाबाद | 120 |
| 26 | फर्रुखाबाद | 80 |
| 27 | फतेहपुर | 140 |
| 28 | फिरोजाबाद | 100 |
| 29 | गौतम बुद्ध नगर | 40 |
| 30 | गाजियाबाद | 50 |
| 31 | गाजीपुर | 170 |
| 32 | गोंडा | 170 |
| 33 | गोरखपुर | 210 |
| 34 | हमीरपुर | 80 |
| 35 | हापुड़ | 40 |
| 36 | हरदोई | 210 |
| 37 | हाथरस | 80 |
| 38 | जालौन | 90 |
| 39 | जौनपुर | 220 |
| 40 | झांसी | 90 |
| 41 | कन्नौज | 90 |
| 42 | कानपुर देहात | 110 |
| 43 | कानपुर नगर | 100 |
| 44 | कासगंज | 70 |
| 45 | कौशाम्बी | 80 |
| 46 | कुशीनगर | 150 |
| 47 | लखीमपुर खीरी | 160 |
| 48 | ललितपुर | 70 |
| 49 | लखनऊ | 90 |
| 50 | महाराजगंज | 130 |
| 51 | महोबा | 50 |
| 52 | मैनपुरी | 100 |
| 53 | मथुरा | 110 |
| 54 | मऊ | 100 |
| 55 | मेरठ | 140 |
| 56 | मिर्जापुर | 140 |
| 57 | मुरादाबाद | 90 |
| 58 | मुजफ्फरनगर | 100 |
| 59 | पीलीभीत | 70 |
| 60 | प्रतापगढ़ | 180 |
| 61 | प्रयागराज | 210 |
| 62 | रायबरेली | 210 |
| 63 | रामपुर | 70 |
| 64 | सहारनपुर | 120 |
| 65 | संभल | 80 |
| 66 | संत कबीर नगर | 100 |
| 67 | शाहजहांपुर | 160 |
| 68 | शामली | 40 |
| 69 | श्रावस्ती | 60 |
| 70 | सिद्धार्थनगर | 140 |
| 71 | सीतापुर | 200 |
| 72 | सोनभद्र | 80 |
| 73 | सुल्तानपुर | 130 |
| 74 | उन्नाव | 160 |
| 75 | वाराणसी | 90 |
| कुल | 8800 |
ECCE एजुकेटर के कार्य और दायित्व
- 3-6 वर्ष के बच्चों को औपचारिक शिक्षा के लिए तैयार करना।
- बच्चों के संज्ञानात्मक, सामाजिक, और शैक्षिक विकास के लिए गतिविधियों का आयोजन।
- निपुण भारत मिशन के तहत अधिगम लक्ष्यों को प्राप्त करना।
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ सहयोग और अभिभावकों के साथ नियमित संवाद।
- विद्यालय के प्रधानाध्यापक के मार्गदर्शन में कार्य करना।
चयन प्रक्रिया
- जिला स्तरीय समिति: जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति गठित होगी, जिसमें जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, और अन्य शामिल होंगे।
- मेरिट आधारित चयन: शैक्षिक योग्यता के अंकों के औसत के आधार पर मेरिट सूची तैयार की जाएगी। समान अंकों की स्थिति में अधिक आयु वाले को प्राथमिकता दी जाएगी।
- काउंसलिंग: मेरिट सूची के आधार पर अभ्यर्थी विद्यालय का चयन करेंगे।
- सत्यापन: शैक्षिक प्रमाण-पत्रों का सत्यापन समिति द्वारा किया जाएगा।
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
1. ECCE एजुकेटर क्या है?
ECCE (Early Childhood Care and Education) एजुकेटर वे शिक्षक हैं जो 3-6 वर्ष के बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा और समग्र विकास के लिए तैयार करते हैं।
2. नियुक्ति का प्रकार क्या है?
यह संविदा आधारित नियुक्ति है, जो आउटसोर्सिंग के माध्यम से अधिकतम 11 महीनों के लिए होगी।
3. ECCE एजुकेटर का मानदेय कितना है?
प्रति माह ₹10,313 (PF और ESI सहित)।
4. शैक्षिक योग्यता क्या होनी चाहिए?
गृह विज्ञान के साथ स्नातक (न्यूनतम 50% अंक) या NTT/CT (नर्सरी)/DPSE जैसे दो वर्षीय डिप्लोमा। आयु सीमा 40 वर्ष (1 जुलाई 2024 तक)।
5. चयन प्रक्रिया कैसे होगी?
जिला स्तर पर गठित समिति द्वारा मेरिट के आधार पर चयन होगा, जिसमें शैक्षिक अंकों का औसत और काउंसलिंग शामिल है।
6. क्या यह स्थायी नियुक्ति है?
नहीं, यह किसी स्वीकृत पद के सापेक्ष नहीं है और केवल 11 महीनों के लिए संविदा आधारित है।
7. अधिक जानकारी कहां से प्राप्त करें?
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय या संबंधित शासनादेश से जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
निष्कर्ष
यह पहल उत्तर प्रदेश में प्रारंभिक शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ECCE एजुकेटर की नियुक्ति से न केवल बच्चों को बेहतर शिक्षा मिलेगी, बल्कि आंगनबाड़ी केंद्रों और बालवाटिका को भी मजबूती मिलेगी। यह योजना निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को प्राप्त करने में भी सहायक होगी।
नोट: यह लेख शासनादेश और उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट या जिला शिक्षा कार्यालय से संपर्क करें।

लेखक परिचय – चंद्रशेखर
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🔬 B.Sc (PCM)
✅ TGT Qualified (Maths) – 2016
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चंद्रशेखर
(M.Sc Maths, B. Sc, B.Ed, TGT Qualified 2016, UPTET Qualified)