स्कूल मर्जर नीति से विरोध और कोर्ट की लड़ाई तेज, यूपी के शिक्षक अभ्यर्थी असमंजस में। क्या 27,000 शिक्षक पदों का वादा पूरा होगा? जानें ताजा अपडेट, कोर्ट के फैसले और आगे क्या होगा!
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उत्तर प्रदेश में शिक्षक भर्ती की अनिश्चितता और स्कूल मर्जर नीति को लेकर हाल ही में एक लाइव सत्र में डी.एल.एड के प्रदेश अध्यक्ष रजत सिंह ने खुलकर बात की। आदेश जी द्वारा आयोजित इस सत्र में प्राथमिक और जूनियर शिक्षक भर्ती, स्कूल मर्जर नीति और 27,000 पदों के भविष्य पर सवाल उठे।
यूपी सरकार की स्कूल मर्जर नीति, जिसे 1848 की “डलहौजी नीति” से जोड़ा जा रहा है, ने गांवों में व्यापक विरोध को जन्म दिया है। रजत सिंह ने बताया कि यह नीति शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम का उल्लंघन करती है, जो हर गांव में एक किलोमीटर के दायरे में प्राथमिक स्कूल की गारंटी देता है। अब तक 5,000 से अधिक स्कूल बंद हो चुके हैं, और अनुमान है कि 27,000 स्कूल बंद हो सकते हैं, जिससे ग्रामीण शिक्षा और शिक्षक भर्ती की संभावनाएं प्रभावित हो रही हैं।
सिंह ने कहा कि मर्जर नीति के कारण शिक्षकों की संख्या अधिशेष हो गई है, जिससे नई भर्ती की संभावना कम है। हाई कोर्ट की डबल बेंच ने 27,000 पदों पर भर्ती का आदेश दिया था, लेकिन सात महीने बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। 2018 से यूपीटेट और सीटेट पास अभ्यर्थी नौकरी के इंतजार में हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भर्ती के वादों को सिंह ने चुनावी हथकंडा बताया। 2019, 2021 और 2024 में किए गए वादे धरातल पर नहीं उतरे। उन्होंने छात्रों से एकजुट होकर विरोध करने की अपील की, इसे स्वतंत्रता संग्राम से जोड़ते हुए कहा, “जब बच्चा रोता है, तभी मां दूध पिलाती है। भर्ती के लिए हमें लड़ना होगा।”
यूपीटेट 2025 को लेकर अफवाहें हैं कि सितंबर में परीक्षा होगी, लेकिन सिंह ने इसे खारिज किया। उन्होंने कहा कि परीक्षा आयोग 2022 की टीजीटी/पीजीटी भर्तियों को भी पूरा नहीं कर पा रहा। आयोग पर काम का बोझ और कर्मचारियों की कमी इसे और जटिल बना रही है।
स्कूल मर्जर का मामला अब सुप्रीम कोर्ट में है। सिंह को न्यायपालिका पर भरोसा है, लेकिन उन्होंने जोर दिया कि बिना सामूहिक आंदोलन के सरकार दबाव में नहीं आएगी। उन्होंने छात्रों से विधायकों, सांसदों और डीएम को ज्ञापन सौंपने और सोशल मीडिया पर आवाज उठाने का आह्वान किया।
तालिका: यूपी शिक्षक भर्ती और स्कूल मर्जर नीति के मुख्य बिंदु
| विषय | विवरण |
|---|---|
| स्कूल मर्जर नीति | 5,000+ स्कूल बंद; 27,000 तक खतरे में। आरटीई अधिनियम का उल्लंघन। |
| शिक्षक भर्ती की स्थिति | हाई कोर्ट ने 27,000 पदों पर भर्ती का आदेश दिया, 7 महीने बाद भी कोई कार्रवाई नहीं। |
| यूपीटेट 2025 की अफवाहें | सितंबर में परीक्षा की कोई पुष्टि नहीं; आयोग 2022 की भर्तियों में उलझा। |
| मुख्यमंत्री के वादे | 2019, 2021, 2024, 2025 में वादे; कोई भर्ती नहीं। |
| कोर्ट की स्थिति | सिंगल और डबल बेंच में मर्जर के खिलाफ फैसला; मामला सुप्रीम कोर्ट में। |
| कार्रवाई का आह्वान | छात्रों से विरोध, ज्ञापन और सोशल मीडिया पर सक्रियता की अपील। |
FAQ: उत्तर प्रदेश शिक्षक भर्ती और स्कूल मर्जर
प्रश्न: यूपी में अगली शिक्षक भर्ती कब होगी?
उत्तर: कोई निश्चित समयसीमा नहीं। रजत सिंह के अनुसार, 2027 से पहले भर्ती के लिए विरोध जरूरी है, क्योंकि मर्जर नीति से शिक्षक अधिशेष हो गए हैं।
प्रश्न: स्कूल मर्जर नीति क्या है और यह विवादास्पद क्यों है?
उत्तर: यह नीति स्कूलों को बंद या मर्ज करती है, जिससे 5,000+ स्कूल बंद हो चुके हैं। यह आरटीई अधिनियम का उल्लंघन करती है और ग्रामीण शिक्षा को प्रभावित करती है।
प्रश्न: हाई कोर्ट के 27,000 पदों के आदेश का क्या हुआ?
उत्तर: डबल बेंच ने दो महीने में भर्ती का आदेश दिया, लेकिन सात महीने बाद भी कोई कार्रवाई नहीं।
प्रश्न: क्या यूपीटेट 2025 सितंबर में होगा?
उत्तर: कोई आधिकारिक अधिसूचना नहीं। आयोग 2022 की भर्तियों में उलझा है, इसलिए सितंबर में परीक्षा संभव नहीं।
प्रश्न: क्या सुप्रीम कोर्ट मर्जर नीति को रद्द कर सकता है?
उत्तर: सुप्रीम कोर्ट में मामला है, और आरटीई के उल्लंघन के आधार पर जीत की उम्मीद है।
प्रश्न: छात्र इस आंदोलन में कैसे योगदान दे सकते हैं?
उत्तर: विरोध प्रदर्शन, विधायकों/डीएम को ज्ञापन, और सोशल मीडिया पर मांग उठाएं।
अस्वीकरण:
यह लेख रजत सिंह के लाइव सत्र पर आधारित है और इसमें व्यक्त विचारों को दर्शाता है। भर्ती की समयसीमा, कोर्ट के फैसले और नीतिगत बदलाव सरकारी और न्यायिक अपडेट के अधीन हैं। पाठकों को उत्तर प्रदेश शिक्षा विभाग या आधिकारिक वेबसाइट्स
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चंद्रशेखर
(M.Sc Maths, B. Sc, B.Ed, TGT Qualified 2016, UPTET Qualified)